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उत्तराखंड

पिरान कलियर दरगाह में ‘मिनी अफसरों’ का खेल! दुकान नम्बर-3 पर बिना नीलामी कराया कब्जा..?

✍ Super Admin 🕒 13 May 2026, 09:38 PM
पिरान कलियर दरगाह में ‘मिनी अफसरों’ का खेल! दुकान नम्बर-3 पर बिना नीलामी कराया कब्जा..?

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पिरान कलियर। पिरान कलियर दरगाह एक बार फिर विवादों में घिर गई है। इस बार मामला हज हाउस मार्ग स्थित दरगाह की नीलामी वाली दुकान नम्बर-3 का है, जहां दरगाह दफ्तर के कुछ कर्मचारियों पर नियमों को ताक पर रखकर मनमाने तरीके से कब्जा दिलाने के गंभीर आरोप लगे हैं। पूरे घटनाक्रम ने दरगाह प्रशासन की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार मंगलवार को दरगाह दफ्तर में तैनात अकाउंटेंट सद्दाम हुसैन, सुपरवाइजर इंतेखाब आलम और कुछ पीआरडी कर्मी मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने पहले से दुकान चला रहे व्यक्ति को हटवाया और दूसरे व्यक्ति को दुकान पर बैठा दिया। इतना ही नहीं, मौके पर बर्तन, तख्त और अन्य सामान भी रखवाया गया, जिससे साफ संकेत मिला कि दुकान का कब्जा बदल दिया गया है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस व्यक्ति को दुकान पर बैठाया गया, उसके नाम कोई नीलामी प्रक्रिया नहीं हुई थी। वहीं डेली बेसिस पर अस्थायी आवंटन की भी कोई आधिकारिक प्रक्रिया सामने नहीं आई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर दुकान नम्बर-3 पर यह “मेहरबानी” किसके इशारे पर की गई.?

मामले को लेकर जब दरगाह प्रबंधक एवं तहसीलदार विकास अवस्थी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि केवल किराया जमा न होने के चलते दुकान खाली कराने के निर्देश दिए गए थे। किसी दूसरे व्यक्ति को कब्जा दिलाने की जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि नियमों के विरुद्ध किसी को बैठाया गया है तो मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने बताया कि चारों दुकानों की नीलामी प्रक्रिया जल्द कराई जाएगी।

घटना के बाद दरगाह प्रशासन पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। क्या कुछ कर्मचारी खुद को दरगाह का “मिनी अफसर” समझकर फैसले लेने लगे हैं.? क्या बिना प्रशासनिक अनुमति सरकारी संपत्ति का कब्जा बदला जा सकता है.? या फिर इसके पीछे कोई अंदरूनी सेटिंग और मिलीभगत काम कर रही है.?
दरगाह की व्यवस्थाओं को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं, लेकिन इस ताजा मामले ने प्रशासनिक निगरानी पर फिर से बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन मामले में सिर्फ औपचारिक जांच करता है या फिर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई कर पारदर्शिता बहाल करने की कोशिश करेगा।

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