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उत्तराखंड

अलाव के नाम पर खानापूर्ति, सवालों के घेरे में नगरपंचायत की कारगुजारी, राहगीरों को मिल रही सिर्फ ठंडी राख...?

✍ Super Admin 🕒 13 Jan 2026, 10:17 PM
अलाव के नाम पर खानापूर्ति, सवालों के घेरे में नगरपंचायत की कारगुजारी, राहगीरों को मिल रही सिर्फ ठंडी राख...?

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पिरान कलियर: कड़ाके की ठंड के बीच नगर क्षेत्र में ठिठुरन बढ़ती जा रही है, लेकिन राहत के नाम पर कलियर नगर पंचायत की अलाव व्यवस्था खुद सवालों के घेरे में है। सर्दी से बचाव के लिए जलाए जाने वाले अलाव अब केवल कागज़ों तक सिमटते नजर आ रहे हैं। ज़मीनी हकीकत यह है कि अलाव के नाम पर की जा रही खानापूर्ति कुछ घंटों में ही दम तोड़ देती है और इसके बाद राहगीरों व स्थानीय लोगों को आग के नाम पर ठंडी राख ही नसीब होती है।

नगर के कई प्रमुख मार्गों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जहां अलाव की सबसे अधिक जरूरत है, वहां नाममात्र लकड़ी डालकर अलाव का पेट भरने की नाकाम कोशिश हो रही है। वही जिन स्थानों पर अलाव जलाया भी जा रहा है, वहां कुछ ही समय में लकड़ी स्वाहा हो जाती है और पूरी रात ठंड से जूझते लोगों को किसी तरह की राहत नहीं मिल पाती।

सूत्रों का कहना है कि अलाव के लिए लकड़ी आपूर्ति का टेंडर चेयरमैन के करीबी व्यक्ति को दिया गया है। यही वजह बताई जा रही है कि न तो अधिकारी इस व्यवस्था पर सवाल उठाने की हिम्मत कर पा रहे हैं और न ही जनप्रतिनिधि खुलकर कुछ कह रहे हैं। परिणामस्वरूप इस कथित बेरुखी का खामियाजा आम जनता और राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सर्दी में जलने वाले अलाव के नाम पर खुलेआम बंदरबांट हो रही है..? जनता की मांग है कि नगर पंचायत इस ओर गंभीरता दिखाए, अलाव की नियमित और पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करे और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि ठंड से राहत के नाम पर हो रहे इस कथित खेल पर लगाम लग सके।

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