सड़क हादसा नहीं, सुनियोजित हत्या निकली युवक की मौत; पत्नी की प्रेम कहानी ने खोला राज (देखे वीडियो)
अब खबर पढ़ें ही नहीं, सुनें भी — यहां क्लिक करें। 👆🏻
काशीपुर। सड़क किनारे धान के खेत में दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिली कार और उसके अंदर खून से लथपथ युवक का शव… पहली नजर में मामला सड़क हादसा प्रतीत हो रहा था। लेकिन मृतक के गले पर मिले संदिग्ध चोट के निशान ने पुलिस को दूसरी दिशा में जांच करने के लिए मजबूर कर दिया। महज 48 घंटे की गहन जांच, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले का पर्दाफाश करते हुए इसे सड़क हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या बताया है।

पुलिस जांच के अनुसार, मृतक की पत्नी ने कथित प्रेम प्रसंग के चलते अपने पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची। वारदात को अंजाम देने के लिए उसके पति की टेंट की दुकान पर काम करने वाले दो किशोरों की मदद ली गई। पुलिस ने पत्नी समेत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है।

गले पर चोट के निशान से बदली जांच की दिशा
मामला 17 अगस्त 2026 की सुबह का है। प्रतापपुर क्षेत्र में सड़क किनारे धान के खेत में एक स्विफ्ट कार दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिली। कार के भीतर एक युवक खून से लथपथ पड़ा था। मृतक की पहचान संजीव कुमार पुत्र सोमल सिंह, निवासी बाजावाला, ढकिया नंबर-01, कुंडेश्वरी, काशीपुर, उम्र करीब 24 वर्ष के रूप में हुई। शुरुआत में घटना सड़क दुर्घटना जैसी दिखाई दे रही थी, लेकिन पंचायतनामा के दौरान पुलिस की नजर मृतक के गले पर पड़े चोट के संदिग्ध निशानों पर गई। निशान सामान्य सड़क दुर्घटना से अलग प्रतीत होने पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया।

मृतक की पत्नी निशा की तहरीर पर कोतवाली काशीपुर में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पत्नी के बयानों में विरोधाभास से गहराया शक
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक की पत्नी निशा समेत उसके संपर्क में रहने वाले लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने बयानों का मिलान मोबाइल सीडीआर, लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से किया। जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जो पुलिस को लगातार हत्या की ओर ले जा रहे थे। इसके बाद पुलिस का शक मृतक की पत्नी और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों पर गहराता चला गया।

पति के हेल्पर से शुरू हुआ कथित प्रेम प्रसंग
पुलिस के मुताबिक संजीव कुमार की ग्राम थारी, रामनगर में टेंट की दुकान थी। शिवम सैनी और कर्मजीत सिंह वहां हेल्पर के तौर पर काम करते थे। काम के सिलसिले में शिवम का संजीव के घर लगातार आना-जाना था। इसी दौरान पुलिस जांच में शिवम और संजीव की पत्नी निशा के बीच कथित प्रेम संबंध सामने आया। बताया गया कि निशा और संजीव के बीच अक्सर विवाद होता था और वह अपने पति से होने वाले विवादों की जानकारी शिवम को देती थी। पुलिस के अनुसार, समय के साथ दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और कथित तौर पर संजीव को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई। इसके बाद शिवम ने अपने साथी कर्मजीत को भी इस साजिश में शामिल कर लिया।

जन्मदिन की पार्टी के बहाने निकले, रास्ते में गोली मारने का आरोप
पुलिस के मुताबिक 16 अगस्त को शिवम का जन्मदिन था। जन्मदिन की पार्टी के बहाने शिवम और कर्मजीत, संजीव के साथ उसकी कार से रामनगर घूमने निकले।
रामनगर में हत्या का मौका नहीं मिलने पर तीनों वापस काशीपुर की ओर लौटने लगे। पुलिस जांच के अनुसार राजपुर रोड, थारी के पास कथित योजना के तहत कार चला रहे संजीव के पीछे बैठे कर्मजीत ने 12 बोर के तमंचे से उसकी गर्दन के बाईं ओर सटाकर गोली मार दी। गोली लगने के बाद संजीव का कार पर नियंत्रण नहीं रहा और कार सड़क से नीचे धान के खेत में जा गिरी।

हादसे का रूप देने की कोशिश, लेकिन वैज्ञानिक जांच ने खोला राज
पुलिस के अनुसार वारदात के बाद शिवम और कर्मजीत घायल संजीव को कार में ही छोड़कर मौके से फरार हो गए। इसके बाद शिवम ने कथित तौर पर फोन कर निशा को “काम हो गया” बताया। आरोप है कि पूरी वारदात को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की गई, लेकिन घटनास्थल की परिस्थितियों, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और वैज्ञानिक साक्ष्यों के गहन विश्लेषण से पुलिस ने हत्या की कड़ियां जोड़ लीं। दोनों आरोपी पकड़े गए, निशानदेही पर हथियार बरामद
नामजद अभियुक्त शिवम सैनी और कर्मजीत सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों ने लगातार दबिश दी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। पुलिस के मुताबिक दोनों को कुंडेश्वरी क्षेत्र में मालवा फार्म पुलिया के पास पकड़ लिया गया। पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर कथित तौर पर हत्या में प्रयुक्त 12 बोर का तमंचा, तीन खोखे, पांच जिंदा कारतूस और रक्तरंजित कपड़े बरामद किए गए। जांच में मृतक की पत्नी निशा की कथित भूमिका सामने आने के बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
शैक्षिक प्रमाण-पत्रों से सामने आया अहम तथ्य
विवेचना के दौरान पुलिस ने शिवम और कर्मजीत के शैक्षिक प्रमाण-पत्रों की भी जांच की। पुलिस के अनुसार दस्तावेजों के परीक्षण में दोनों के नाबालिग होने की पुष्टि हुई। दोनों के संबंध में किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में 48 घंटे में खुलासा

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति के निर्देश पर घटना के शीघ्र अनावरण के लिए पुलिस अधीक्षक काशीपुर और पुलिस उपाधीक्षक काशीपुर के निर्देशन में कोतवाली काशीपुर पुलिस तथा एसओजी की संयुक्त टीमें गठित की गई थीं। टीमों ने घटनास्थल से लेकर मृतक के संपर्क में रहने वाले लोगों तक की बारीकी से जांच की और तकनीकी एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों को जोड़ते हुए महज 48 घंटे में हत्याकांड की पूरी कड़ी सामने ला दी।
पुलिस टीम रही शामिल
कोतवाली काशीपुर टीम: एसएसआई नवीन बुधानी, एसआई कौशल भाकुनी, एसआई मनोज सिंह धौनी, एसआई मीना रावत, एसआई गणेश पांडे, एसआई संजय सिंह, एसआई कंचन पडलिया, एसआई गिरीश चन्द्र, कांस्टेबल नापु सुरेंद्र कुमार, कांस्टेबल नापु धीरज सिंह, कांस्टेबल नापु गजेंद्र गिरी, कांस्टेबल नापु किरण कुमार मेहता, पुलिस सहयोगी राहुल एवं माजिद।
एसओजी काशीपुर टीम: एसआई सुनील सुतेड़ी, कांस्टेबल इमरान एवं कांस्टेबल हरीश।