सरकारी नौकरी का झांसा देकर 32 लाख की ठगी, ‘फर्जी ड्रग इंस्पेक्टर’ पिथौरागढ़ से गिरफ्तार
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देहरादून। सरकारी नौकरी लगवाने और स्वास्थ्य विभाग में ऊंची पहुंच का झांसा देकर युवाओं को ठगने वाले एक शातिर आरोपी को नेहरू कॉलोनी पुलिस ने पिथौरागढ़ से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक निजी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के रूप में कार्यरत महिला को पहले शादी का झांसा दिया और बाद में खुद को स्वास्थ्य विभाग का ड्रग इंस्पेक्टर बताते हुए नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। आरोप है कि इस दौरान उसने महिला से अलग-अलग तारीखों में करीब 32 लाख रुपये हड़प लिए।

पुलिस के मुताबिक आरोपी चारू चन्द्र जोशी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और पिथौरागढ़ के रास्ते नेपाल भागने की फिराक में था। सूचना मिलने के बाद नेहरू कॉलोनी पुलिस ने पिथौरागढ़ पुलिस से समन्वय कर एंचोली क्षेत्र में दबिश दी और 21 अगस्त को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

शादी डॉट कॉम के जरिए हुई थी मुलाकात
पुलिस के अनुसार पीड़िता ने 17 अगस्त को थाना नेहरू कॉलोनी में तहरीर देकर बताया कि उसकी मुलाकात आरोपी से शादी डॉट कॉम के माध्यम से हुई थी। आरोपी ने खुद को स्वास्थ्य विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर बताते हुए विभागीय अधिकारियों से करीबी संबंध होने का दावा किया। आरोपी ने महिला से शादी करने और स्वास्थ्य विभाग में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। उसके झांसे में आकर महिला ने उसे अलग-अलग समय पर करीब 32 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपी टालमटोल करने लगा।

पुरानी सरकारी नौकरी को बनाया ठगी का हथियार
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2016 में संविदा पर स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत था। वर्ष 2022 में नैनीताल जनपद में उसके खिलाफ धोखाधड़ी और दुष्कर्म समेत मुकदमे दर्ज हुए, जिसके बाद वह जेल गया। जेल से बाहर आने के बाद उसकी स्वास्थ्य विभाग की नौकरी समाप्त हो गई। पुलिस के मुताबिक इसके बाद आरोपी ने स्वास्थ्य विभाग में अपनी पुरानी नौकरी और विभागीय पहचान को ही ठगी का जरिया बना लिया। वह खुद को स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत बताकर अधिकारियों से अपनी नजदीकी का हवाला देता और सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से मोटी रकम ऐंठता था।

सात मुकदमों में सामने आया आरोपी का नाम
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी और अन्य आपराधिक घटनाओं से जुड़े सात मुकदमे दर्ज हैं। इनमें कोतवाली हल्द्वानी, कोतवाली ऋषिकेश, थाना मुखानी, कोतवाली काशीपुर और थाना नेहरू कॉलोनी के मामले शामिल हैं। आरोपी पूर्व में जेल भी जा चुका है।
रकम के इस्तेमाल को लेकर भी पूछताछ
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पीड़िता से प्राप्त रकम का अधिकांश हिस्सा उसने अपने खिलाफ पूर्व में दर्ज मुकदमों के सेटलमेंट में संबंधित लोगों को दे दिया। पुलिस अब आरोपी के इस बयान का अभिलेखीय और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सत्यापन कर रही है।
पुलिस के अनुसार अभी तक की विवेचना में आरोपी द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी किए जाने की बात सामने आई है। किसी परीक्षा एजेंसी अथवा चयन प्रक्रिया से जुड़े व्यक्तियों के साथ उसके संपर्क के संबंध में फिलहाल कोई साक्ष्य नहीं मिला है।

SSP के निर्देश पर पुलिस की कार्रवाई
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के निर्देश पर मामले की गंभीरता को देखते हुए नेहरू कॉलोनी पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। सर्विलांस और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपी की लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रखी गई। उसके पिथौरागढ़ के रास्ते नेपाल भागने की सूचना मिलने पर पुलिस टीम को रवाना किया गया।
थानाध्यक्ष मनोज नौटियाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लगातार दबिश और तकनीकी निगरानी करते हुए आरोपी को एंचोली क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्त
चारू चन्द्र जोशी पुत्र उमेश चन्द्र जोशी, उम्र 34 वर्ष, निवासी ग्राम सिली, पोस्ट गरुड़, थाना बैजनाथ, जनपद बागेश्वर। हाल निवासी फ्रेंड्स कॉलोनी, दून एरिया, केयर ऑफ हरीश बिष्ट, कोतवाली हल्द्वानी, जनपद नैनीताल।
पुलिस टीम
मनोज नौटियाल, थानाध्यक्ष नेहरू कॉलोनी
गिरीश चन्द्र बडोनी, चौकी प्रभारी जोगीवाला
कांस्टेबल विनोद बचकोटी
कांस्टेबल विपिन सेमवाल
हेड कांस्टेबल किरन, एसओजी
कांस्टेबल आशीष राठी, एसओजी
पुलिस टीम की कार्रवाई से आरोपी के नेपाल भागने की कोशिश नाकाम हो गई। मामले में पुलिस द्वारा आगे की विवेचना और साक्ष्यों का सत्यापन जारी है।