हरिद्वार को नशामुक्त बनाने की कवायद तेज, अवैध नशे के कारोबार पर प्रशासन सख्त
अब खबर पढ़ें ही नहीं, सुनें भी — यहां क्लिक करें। 👆🏻
हरिद्वार । नशे के बढ़ते जाल से मुक्त करने और युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। प्रतिबंधित तंबाकू, गुटखा और अन्य नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री एवं तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के साथ अब नशा मुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाओं की भी जांच की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर दिखाई देनी चाहिए।

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) जितेंद्र कुमार ने नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन मैकेनिज्म (NCORD) की बैठक में संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद में प्रतिबंधित तंबाकू और नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए नियमित अभियान चलाकर संबंधित स्थानों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली और वहां उपलब्ध सुविधाओं को लेकर भी गंभीरता दिखाई गई। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जनपद में संचालित सभी नशा मुक्ति केंद्रों का संयुक्त निरीक्षण किया जाए। इस दौरान केंद्रों में मरीजों को दी जा रही सुविधाओं, व्यवस्थाओं और निर्धारित मानकों की जांच कर कमियां मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

स्कूलों में जागरूकता से रोका जाएगा नशे का बढ़ता चलन
नशे के खिलाफ लड़ाई में युवाओं और विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। शिक्षा विभाग को जनपद के सभी विद्यालयों में नशे के दुष्परिणामों को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं के बीच नशा मुक्ति विषय पर निबंध और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित कर उन्हें नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के प्रति जागरूक किया जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए केवल कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज में जागरूकता और जनभागीदारी भी जरूरी है। परिवार, शिक्षण संस्थानों और संबंधित विभागों के सामूहिक प्रयासों से ही नशे के खिलाफ मजबूत माहौल तैयार किया जा सकता है।
बैठक में पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, कृषि और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। प्रशासन की ओर से सभी विभागों को अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभाने और अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।